मीडिया को लेकर इन दिनों ब्लॉग्स की दुनिया बेहद सक्रिय है। देश के हर कोने में बैठे हुए पत्रकार साथी को एक-दूसरे की खबर मिल ही जाती है. किन्तु दुर्भाग्य से लगातार जो खबरें मिल रही हैं, वह चौंकाती नहीं बल्कि शर्मसार करती हैं। अलग अलग जगहों से खबरें मिल रही हैं कि फलां पत्रकार फलां मामले में पकड़ा गया। खबरें आने के बाद भी इस तरह की करतूतें नहीं रूक रही हैं। इसे शर्मनाक कहा जाने में कोई अफसोस नहीं होना चाहिए। पत्रकार होने का अर्थ मुफलिस होना होता है जो अपना सबकुछ दांव पर लगाकर जनहित में काम करें ....आगे पढ़े.....
यह कैसी पत्रकारिता ?
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हमारा तो दिल ही तोड़ दिया
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