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5 दिसम्‍बर शनिवार को मुंबई पहुंच रहा हूं मैं (अविनाश वाचस्‍पति)


कहा जाता है कि आजकल किसी के पास किसी के लिए टाइम नहीं है। अपने और अपने परिवार के सिवाय। कोई किसी पर विश्वास नहीं करता है अपने सिवाय। पर पहले सभी के पास सभी के लिए समय भी था और विश्‍वास की भी कोई कमी नहीं रही। ब्लॉग जगत का आना बिल्कुल पुराने समृद्ध मूल्‍यों और परंपराओं की वापसी ही कही जायेगी।

आज किसी शहर से कोई ब्लॉगर चलता है तो उसका सभी बेसब्री से इंतजार करते हैं। चाहते हैं कि जिसके विचारों से अब तक रूबरू हुआ जा रहा था। उससे मिलते हैं। उससे मिलना एक अनोखा सुकून देता है। चाहे कितनी ही भागादौड़ी हो। पर अब सब के पास सबके लिए टाइम है। जबकि इंटरनेट के इस युग में समय किसी के पास नहीं है। समय न होते हुए भी खूब समय है। आप देखिए रोज ब्लॉगर आपस में कहीं न कहीं मिल रहे हैं।

मुंबई शहर के बारे में कहा जाता है कि समय से तेज भागता है। यहां पर किसी को भी आंख उठाकर देखते की फुरसत नहीं है। सब अपने में मस्त हैं, व्यस्त हैं और अपने से ही त्रस्त हैं। पर अब ऐसा नहीं है। इन सब गलतफहमियों से बाहर निकल रहे हैं सब। मैं आज आपसे मिल रहा हूं पर मन में, ख्यालों में सबसे अनेक बार मिल चुका हूं। हम विश्वास कर रहे हैं।

भरोसा कायम हो रहा है। जो गया तो नहीं था कहीं। पर नजर भी नहीं आ रहा था। आप जल्दी ही इतनों से परिचित हो रहे हैं। जानने की गति तेज है और आपको जानने वाले, जानना चाहने वाले भी खूब हैं। इन सबका हिसाब रखना भी कठिन हो रहा है पर कितनी भी कठिनताएं आएं, न हम मिलना छोड़ेंगे,न पढ़ना और न लिखना। नए नए लिक्खाड़ सामने आ रहे हैं। परंपराएं पुन: समृद्ध हो रही हैं। यह एक नया परिवार है और इस परिवार की कोई सीमाएं नहीं हैं। संवाद बढ़ रहा है। विवाद भी बढ़ रहा है। गुटवाद भी बढ़ रहा है। मतलब इन खतरों का भार तो उठाना ही होगा। खतरों में ही तो विश्वास का नया मोहक स्वरूप सामने आ रहा है। पहचान की, भरोसे की गति तेज हो रही है जो निश्चय ही सुखद है।

मुंबई सिर्फ सिनेकारों के लिए ही नहीं ब्लॉगरों के लिए भी ब्लॉगप्रसिद्ध हो चुकी है। इसका सर्वोत्तम उदाहरण बिग बी तो हैं ही। उनके अतिरिक्त भी बहुत सारे हैं, अक्षर हैं जो उतने बिग तो नहीं हैं पर ब्लॉगजगत में उनकी अहमियत बिग बी से कम भी नहीं है। इसी कड़ी में दिनांक 5 दिसम्बर 2009 को मैं मुंबई में आपसे मिलने के लिए पहुंच रहा हूं। आने का प्रयोजन बस आपसे मिलने का ही है। मुंबईवासी हिन्दीं ब्लॉगरों के दर्शन और विचारों का लाभ प्राप्त करने का इससे उत्‍तम अवसर मुझे इससे जल्दी नहीं मिलने वाला था इसलिए भारत के 40वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह के गोवा में संपन्न होने के बाद मैं उन सभी मुंबईवासियों से मिलने की चाहत लेकर आ रहा हूं जो मुझसे मिलने की इच्छा रखते हैं। आपमें से अधिकतर मेरे संपर्क में हैं और बाकी जो चाहते हैं कि मैं उनके संपर्क में जुड़ जाऊं तो वे मुझे फोन नंबर 09404148870 पर अथवा मेरी ई मेल आई डी avinashvachaspati@gmail.com पर सूचित कर सकते हैं।

क्योंकि यह संभव नहीं है कि सभी के पास मैं पहुंच सकूं अथवा सब मेरे पास पहुंच सके इसलिए किन्हीं कुछ केन्द्रित स्थानों पर जहां पर सब लोग इकट्ठे होकर मिल सकें और जहां पर मैं अधिकतर ब्लॉगरों के दर्शनों और विचारों का सामूहिक लाभ प्राप्त कर सकूं। इस बहाने से अधिकतर ब्लॉगर/लेखक मिलकर बातचीत कर सकें। ऐसे अनौपचारिक मेलमिलाप की प्रतीक्षा रहेगी। मैं मुंबई में 8 दिसम्‍बर तक रहूंगा।

मेरा आपके पूर्वनिर्धारित कार्यक्रमों को तहस-नहस करने का इरादा भी नहीं है, बस थोड़ा सा इधर-उधर तो आप कर ही सकते हैं मुझे भी।

जिन साथियों से मेरा संपर्क हो चुका है, वे हैं :-

श्री अमिताभ श्रीवास्तव
श्री सूरज प्रकाश
श्रीमती अनिता कुमार
श्री कमल शर्मा
श्री रूपेश श्रीवास्तव
सुश्री रश्मि रविजा
सुश्री आभा
श्री विवेक रस्‍तोगी
और जिनसे मिलने की मेरी चाहत है उनमें आप भी हैं। तो सोच क्‍या रहे हैं ?
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संगीतकार चूहों ने बांधा समां


लंदन। क्या आपने चूहों को वाद्य यंत्र बजाते सुना है। लंदन में एक टीवी विज्ञापन के लिए बाकायदा चूहों का आडीशन लिया गया। इन चूहों को इन्हीं के आकार के ट्रम्पेट्स, सेक्सोफोन, ट्रोमबोंस, ड्रम और बांसुरी बजाने को दिए गए।
पूरा पढ़ने और टिप्‍पणी देने के लिए यहां पर क्लिक कीजिए
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हरिभूमि में फैशन व्‍यवसाय में घोड़ा क्रांति (अविनाश वाचस्‍पति)

http://119.82.71.95/haribhumi/Details.aspx?id=7222&boxid=29795774
फैशन व्‍यवसाय में घोड़ा क्रांति
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कितना बदला है हिंदी न्यूज़ चैनलों का चरित्र और चेहरा ?

कितना बदला है हिंदी न्यूज़ चैनलों का चरित्र और चेहरा ?
मुंबई में हुई आतंकवादी घटना के एक साल पूरे हो रहे हैं ? पिछले साल जब यह घटना घटी थी तब न्यूज़ चैनलों ने जिस तरह से सीधा प्रसारण किया था उसकी काफी आलोचना हुई थी। इंडिया टीवी ने तो एक आतंकवादी का लाइव इंटरव्यू भी प्रसारित किया था. इन एक सालों में हिंदी न्यूज़ चैनलों का कितना चरित्र और चेहरा बदला है ? कृपया अपनी प्रतिक्रिया दें. अपनी प्रतिक्रिया mediakhabaronline@gmail.com या pushkar19@gmail.com . आपकी प्रतिक्रिया मीडिया ख़बर.कॉम पर प्रकाशित होगी। अपनी राय दें। खुलकर बोले। अपनी बेबाक राय दें। अपने लोकतान्त्रिक अधिकारों का प्रयोग करें।
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अब पहचानिए


गोवा में फिल्‍म समारोह में हैं
जो कि भारतीय भी है और
अंतरराष्‍ट्रीय भी।

पर दोनों कौन हैं
अधिकतर तो मौन हैं
फिर भी कोशिश कर रहे हैं
पहचानेंगे भी जरूर।
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साहित्य जगत में शोक की लहर


हिंदी के लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकार व जोधपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफ़ेसर कल्याण मल लोढ़ा का २१ नवम्बर की रात लगभग २.३० बजे जयपुर में निधन हो गया. वे ८९ वर्ष के थे. प्रोफ़ेसर लोढ़ा पिछले कुछ वर्षों से अस्वस्थ चल रहे थे.
प्रोफ़ेसर लोढ़ा ने १९४३ में इलाहबाद विश्वविद्यालय, प्रयाग से हिंदी में एम ए किया. सन १९४५ में आप पश्चिम बंगाल की राजधानी कलकत्ता आकर बस गए. कलकत्ता के जयपुरिया कॉलेज में आप हिंदी के विभाध्यक्ष नियुक्त हुए. १९४८ में कलकत्ता विश्वविद्यालय में अंशकालिक प्राध्यापक के रूप में काम शुरू किया, फिर १९५३ में पूर्णकालिक प्राध्यापक नियुक्त हुए. १९६० में आप रीडर बने और १९७४ में प्रोफ़ेसर. १९६० से ८० तक आप कलकत्ता विश्वविद्यालय में हिंदी के विभागाध्यक्ष रहे. इस लम्बे कार्यकाल में आपने हिंदी की विकास यात्रा में नए आयाम स्थापित किये. हिंदी के सुविख्यात विद्वान तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल आचार्य विष्णुकांत शास्त्री कलकत्ता विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर लोढ़ा के शिष्य रहे. सन १९७९ से ८० तक आप राजस्थान के जोधपुर विश्वविद्यालय के कुलपति नियुक्त किये गए. एक वर्ष के पश्चात आप पुनः कलकत्ता आ गए फिर सन १९८६ में आपने कलकत्ता विश्वविद्याला से अवकाश ग्रहण किया.
प्रोफ़ेसर लोढ़ा ने ५० से अधिक शोध निबंध लिखे.
आपने दर्जनों पुस्तकों की रचना की, जिनमे प्रमुख हैं- वाग्मिता, वाग्पथ, इतस्ततः, प्रसाद- सृष्टी व दृष्टी , वागविभा, वाग्द्वार, वाक्सिद्धि, वाकतत्व आदि. इनमे वाक्द्वार वह पुस्तक है, जिसमे हिंदी के स्वनामधन्य आठ साहित्यकारों - तुलसी, सूरदास, कबीर, निराला, मैथिलीशरण गुप्त, जयशंकर प्रसाद, महादेवी वर्मा, माखनलाल चतुर्वेदी के साहित्यिक अवदानों का सुचिंतित तरीके से मूल्याङ्कन किया गया है. प्रोफ़ेसर लोढ़ा ने प्रज्ञा चक्षु सूरदास , बालमुकुन्द गुप्त-पुनर्मूल्यांकन, भक्ति तत्त्व, मैथिलीशरण गुप्त अभिनन्दन ग्रन्थ का संपादन भी किया.
प्रोफ़ेसर लोढ़ा को उनके साहित्यिक अवदानों के लिए मूर्ति देवी पुरस्कार, केंद्रीय हिंदी संसथान-आगरा से राष्ट्रपति द्वारा सुब्रमण्यम सम्मान, अमेरिकन बायोग्राफिकल सोसाइटी अदि ने सम्मानित किया. आप अपनी ओजपूर्ण वाक्शैली के लिए देश भर जाने जाते थे. विविध सम्मेलनों में आपने अपना ओजश्वी वक्तव्य देकर हिंदी का मान बढाया. आप के के बिरला फाउन्डेसन, भारतीय विद्या भवन, भारतीय भाषा परिषद्, भारतीय संस्कृति संसद सरीखी देश की सुप्रसिद्ध संस्थावों से जुड़े हुए थे.
प्रोफ़ेसर लोढ़ा के निधन से साहित्य जगत में शोक की लहर है. उनका अंतिम संस्कार रविवार २२ नवम्बर को जयपुर में किया जा रहा है. प्रकाश चंडालिया
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लेखक कलकत्ता से प्रकाशित दैनिक राष्ट्रीय महानगर के संपादक हैं.
नुक्‍कड़ परिवार की विनम्र श्रद्धांजलि।
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अविनाश वाचस्‍पति : बात खास है आज के दिन : पवन चंदन

जन्‍मदिन तो है नहीं भी है
है तो इंदिरा गांधी जी का
नहीं है तो अविनाश वाचस्‍पति का।

पर जब लिख रहे हैं यहां
तो कुछ तो है खास बात
जिक्र करते हैं यहां।

अविनाश जी गोवा में हैं
नहीं हैं दिल्‍ली में
विवाह की 25वीं वर्षगांठ है।

करें क्‍या हम क्‍या न करें
हम इसी सोच विचार में
बैठे हैं फोन पर दें बधाई।

यह बात हमें
नहीं भाई इसलिए उन्‍हीं के नुक्‍कड़ पर
है यह पोस्‍ट लगाई।

तो पूछते हैं
हम पहेली आपको यह पहेली समझ में आई
आई तो बतलायें नहीं आई तो बतलायें।


पहेली पूछना हमारा कर्म है
उत्‍तर देना आप सबका धर्म है
इस धर्म कर्म में छिपा एक मर्म है।




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नुक्‍कड़ सर्वोत्‍तम बाल कविता सम्‍मान : सुधीर सक्‍सेना 'सुधि'


जिसकी रही प्रतीक्षा
वो दिन भी आ गया
बाल दिवस से अच्‍छा
कोई अवसर होगा क्‍या


नुक्‍कड़ सर्वोत्‍तम बाल कविता सम्‍मान
के लिए चयन किया गया है
सुधीर सक्सेना 'सुधि'
का उनकी बाल कविता
ऐसे भी दिन आएं
के लिए
बधाई।

विस्‍तृत रिपोर्ट बाद में प्रस्‍तुत की जाएगी।
आप तो कविता का आनंद लीजिए
और सुधीर जी को मन से बधाई दीजिए।

ऐसे भी दिन आएं

जी करता है मित्रो
फिर से ऐसे भी दिन आएं-
डगमग चलता
बचपन लौटे
जामुन तोड़ने जाऊं.
लाठी लेकर माली भागे
लेकिन हाथ न आऊं.

घर पर आ नित
करें शिकायत
पडोसी काका-ताऊ.
मीठी झिड़की दें दादाजी
मां से थप्पड़ खाऊं.
नहीं करेगा अब शैतानी
दादीजी समझाएं.

दिन भर गाल फुलाए बैठूं
अकडू और इतराऊं.
लौटें शाम को पापा तो
टसुए खूब बहाऊँ.
खाएं तरस, पर्स संग लेकर
वे 'बज्जी' ले जाएं.
ऐसे भी दिन आएं!
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दिमाग में चुस्‍ती चाहिए तो हिन्‍दी अपनाइये (अविनाश वाचस्‍पति)

दिमाग की चुस्‍ती चाहिए
तो तुरंत हिन्‍दी अपनाइये
अंग्रेजी को दूर भगाइये
और मराठी को ...
भाषा से हमें
नहीं है कोई बैर
बैर तो भाषी से भी
नहीं है
बैर है बैर की चाहत
रखने वालों से।

हिन्‍दी बोलें और
अपने दिमाग को
चुस्‍त बनायें।

पूरी जानकारी पाने के लिए
उपर दिए गए चित्र पर
चटका लगाएं और पसंद
आए तो पसंद भी चटकाएं।
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दो खुशियां : राजेश उत्‍साही


आज मैं दो खुशियां नुक्‍कड़ पर आप सबके साथ बांटना चाहता हूं। पहली तो यह है कि अविनाश जी ने टीचर्सआफइंडिया की लिंक भारतीय अध्‍यापक के नाम से नुक्‍कड़ पर दी है। टीचर्स आफ इंडिया अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा संचालित पोर्टल है। इस पोर्टल में हिन्‍दी, अंग्रेजी,कन्‍नड़, तेलुगू,तमिल,मराठी,गुजराती और उडि़या भाषा में शिक्षा से संबंधित विभिन्‍न जानकारी प्रसारित की जा रही है। मैं पोर्टल का हिन्‍दी संस्‍करण संपादित कर रहा हूं।

मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि सितम्‍बर में नुक्‍कड़ के माध्‍यम से 1100 विजिटर्स टीचर्स पोर्टल पर आए। अक्‍टूबर में यह संख्‍या 2000 तक पहुंच गई है। यह नुक्‍कड़ की लोकप्रियता का भी परिचायक है। अविनाश जी को बहुत-बहुत साधुवाद। नुक्‍कड़ के माध्‍यम से मैं उन सभी विजिटर्स को शुक्रिया कहना चाहता हूं जो टीचर्सआफ इंडिया पोर्टल पर पधारे और उसका लाभ उठाया। आप आते रहें।

नुक्‍कड़ के माध्‍यम से मैं अपने अन्‍य ब्‍लागर साथियों से अनुरोध करना चाहता हूं कि वे भी अपने लोकप्रिय ब्‍लाग पर www.teachersofindia.org की लिंक देकर इस महाअभियान में पुण्‍य कमाएं।

दूसरी खुशी की बात यह है कि हिन्‍दी के जानेमाने कवि गजानन माधव मुक्तिबोध के साथ-साथ आज यानी 13 नवम्‍बर को इस नाचीज़ का भी जन्‍म दिन है।

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प्रखर देवनागरी फ़ॉन्ट परिवर्तक का नवीन संस्करण

प्रखर देवनागरी फ़ॉन्ट परिवर्तक का नवीन संस्करण

(ASCII/ISCII TO UNICODE CONVERTER - VERSION 1.0.8.0)

प्रखर देवनागरी फ़ॉन्ट परिवर्तक का नवीन संस्करण लगभग 177 तरह के विभिन्न प्रचलित साधारण देवनागरी (हिन्दी,संस्कृत,मराठी) फ़ॉन्ट्स युक्त पाठ को 100% शुद्धता के साथ यूनिकोड फ़ॉन्ट (मंगल) युक्त पाठ में परिवर्तन के लिए एक अनूठा सॉफ़्टवेयर है। यह सॉफ़्टवेयर जटिल से जटिल शब्दों को जिनमें नुक़्ता और अर्द्ध ‘‘र्’’ का कितना ही जटिल से जटिल संयोजन क्यों न हो Symbol Table से लिये हुए संयुक्ताक्षर युक्त पाठ को भी पूरी शुद्धता के साथ परिवर्तन करने में पूर्ण सक्षम है।

TBIL हो या अन्य कोई और फ़ॉन्ट परिवर्तक वह सभी नुक़्तायुक्त, अर्द्ध ‘‘र्’’ युक्त और Symbol Table से लिये हुए कई संयुक्ताक्षर युक्त पाठ को यूनिकोड में परिवर्तन करने में पूर्णतः असमर्थ हैं। परन्तु शुद्धता के मामले में और बहुत अधिक प्रकार के फ़ॉन्ट्स को परिवर्तन करने की दृष्टि से प्रखर देवनागरी फ़ॉन्ट परिवर्तक एक महत्वपूर्ण सॉफ़्टवेयर है। आज ही प्रखर देवनागरी फ़ॉन्ट परिवर्तक का नया Version 1.0.8.0 जारी किया है आपको लिंक भेज रहा हूँ Download करलें।

http://www.4shared.com/file/95233113/8580c800/DangiSoft_Prakhar_Devanagari_Font_Parivartak.html?s=1

इस सॉफ़्टवेयर के द्वारा कंप्यूटर पर किसी भी प्रकार के देवनागरी ASCII/ISCII (8 बिट कोड, कृतिदेव,चाणक्य,भास्कर,शुषा आदि फ़ॉन्ट..) फ़ॉन्ट्स आधारित पाठ को यूनिकोड (16 बिट कोड, मंगल फ़ॉन्ट) फ़ॉन्ट आधारित पाठ में पूरी शुद्धता के साथ बदल सकते हैं। प्रखर देवनागरी फ़ॉन्ट परिवर्तक बहुत ही उपयोगी सॉफ़्टवेयर है। इस के द्वारा हिंदी वेबसाइटों पर हिंदी में प्रचलित ASCII/ISCII (8 बिट कोड, कृतिदेव,चाणक्य,भास्कर,शुषा आदि फ़ॉन्ट..) फ़ॉन्ट्स आधारित पाठ १०० प्रतिशत शुद्धता के साथ यूनिकोड (16 बिट कोड, मंगल फ़ॉन्ट) फ़ॉन्ट आधारित पाठ में तत्काल परिवर्तित किया जा सकता है। अभी तक कम्प्यूटर पर सबसे बड़ी समस्या हिंदी में अलग-अलग फ़ॉन्ट में लिखाई की थी। एक फ़ॉन्ट में लिखे गये पाठ को दूसरे फ़ॉन्ट में बदलना आसान नहीं था। लेकिन इस सॉफ़्ट्वेयर की मदद से यह समस्या पूरी तरह समाप्त होती है।

आज कई सरकारी और निज़ी वेबसाइट्स ASCII/ISCII (8 बिट कोड) फ़ॉन्ट्स आधारित हैं। ASCII/ISCII (8 बिट कोड) फ़ॉन्ट्स आधारित वेबसाइट्स के पाठ को इंटरनेट के माध्यम से सर्च करने पर काफी दिक्कत होती है या सीधा कहें कि सर्च ही नहीं होता, अगर उक्त वेबसाईट्स को यूनिकोड में परिवर्तित कर दिया जाये तो वह आसानी से इंटरनेट पर सर्च हो सकेंगी, इस दृष्टी से यह सॉफ़्टवेयर सरकार के हित में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। वर्तमान में यह सॉफ़्ट्वेयर लगभग 177 तरह के विभिन्न ASCII/ISCII (8 बिट कोड) फ़ॉन्ट्स (जैसे कि अर्जुन, अमर उजाला, भास्कर, बराहा देवनागरी, चाणक्य, डेवलिस, कृतिदेव, नई-दुनिया, शुषा, डीवीटीटी यागेश, श्रीलिपि, योगेश, युवराज आदि) आधारित देवनागरी पाठ को यूनिकोड आधारित पाठ में बदलने में पूर्ण सक्षम है।

परिवर्तक की फ़ॉन्ट सूची-

1.) 4CBabu {४सीबाबू}

2.) 4CGandhi {४सीगाँधी}

3.) AARitu {आऋतु}

4.) AARituCompare {आऋतुकमपेयर}

5.) AARituPlus {आऋतुप्लस}

6.) AARituPlus2-Numbers {आऋतुप्लस२-नम्बर्स}

7.) AARituPlus2 {आऋतुप्लस२}

8.) Agra {आगरा}

9.) Agra Thin {आगरा थिन}

10.) Ajay Normal {अजय नॉर्मल}

11.) AkLitePriya {एकेलाईटप्रिया}

12.) AkrutiDevWeb {अकृतिदेववेब}

13.) AkrutiOfficePriya {अकृतिऑफिसप्रिया}

14.) APS-DV-Priyanka {एपीएस-डीवी-प्रियंका}

15.) Arjun {अर्जुन}

16.) Aryan2 {आर्यन २}

17.) AU {अमर उजाला}

18.) BF_Devanagari {बीएफ_देवनागरी}

19.) Bhaskar {भास्कर}

20.) BRH Devanagari {बरहा देवनागरी}

21.) Chanakya {चाणक्य}

22.) Chanakya {चाणक्य} : (Type1 Font)

23.) Chandini {चाँदनी}

24.) ChandiniE {चाँदनीइ}

25.) Devanagari {देवनागरी}

26.) Devanagari New {देवनागरी न्यू}

27.) DevLys 010 {देवलिस ०१०}

28.) DevLys 020 {देवलिस ०२०}

29.) DevLys 020 Thin {देवलिस ०२० थिन}

30.) DevLys 030 {देवलिस ०३०}

31.) DevLys 110 {देवलिस ११०}

32.) Devmarathi {देवमराठी}

33.) Divyansh {दिव्याँश}

34.) DV-TTAakash {डीवी-टीटी आकाश}

35.) DV-TTBhima {डीवी-टीटी भीमा}

36.) DV-TTGanesh {डीवी-टीटी गणेश}

37.) DV-TTGaneshEN {डीवी-टीटी गणेश इएन}

38.) DV-TTManohar {डीवी-टीटी मनोहर}

39.) DV-TTMayur {डीवी-टीटी मयूर}

40.) DV-TTNatraj {डीवी-टीटी नटराज}

41.) DV-TTRadhika {डीवी-टीटी राधिका}

42.) DV-TTSurekh {डीवी-टीटी सुरेख}

43.) DV-TTSurekhEN {डीवी-टीटी सुरेख इएन}

44.) DV-TTVasundhara {डीवी-टीटी वसुन्धरा}

45.) DV-TTYogesh {डीवी-टीटी योगेश}

46.) DV-TTYogeshEN {डीवी-टीटी योगेश इएन}

47.) DV_Divyae {डीवी-दिव्या:}

48.) DV_ME_Shree.... {डीवी_एमइ_श्री....}

49.) DVB-TTSurekh {डीवीबी-टीटी सुरेख}

50.) DVB-TTSurekhEN {डीवीबी-टीटी सुरेख इएन}

51.) DVB-TTYogesh {डीवीबी-टीटी योगेश}

52.) DVB-TTYogeshEN {डीवीबी-टीटी योगेश इएन}

53.) DVBW-TTSurekh {डीवीबीडब्ल्यू-टीटी सुरेख}

54.) DVBW-TTYogeshEN {डीवीबीडब्ल्यू-टीटी योगेश इएन}

55.) DVBW Surekh Avid {डीवीबीडब्ल्यू सुरेख ऐविड}

56.) DVW-TTSurekh {डीवीडब्ल्यू-टीटी सुरेख}

57.) DVW-TTYogeshEN {डीवीडब्ल्यू-टीटी योगेश इएन}

58.) ePatrika {ईपत्रिका}

59.) GIST-DVTTAjay {जिस्ट-डीवीटीटी अजय}

60.) GIST-DVTTAniket {जिस्ट-डीवीटीटी अनिकेत}

61.) GIST-DVTTAnjali {जिस्ट-डीवीटीटी अंजली}

62.) GIST-DVTTBrinda {जिस्ट-डीवीटीटी ब्रिंदा}

63.) GIST-DVTTDhruv {जिस्ट-डीवीटीटी ध्रुव}

64.) GIST-DVTTDiwakar {जिस्ट-डीवीटीटी दिवाकर}

65.) GIST-DVTTJamuna {जिस्ट-डीवीटीटी जमुना}

66.) GIST-DVTTJanaki {जिस्ट-डीवीटीटी जानकी}

67.) GIST-DVTTKishor {जिस्ट-डीवीटीटी किशोर}

68.) GIST-DVTTKundan {जिस्ट-डीवीटीटी कुंदन}

69.) GIST-DVTTMadhu {जिस्ट-डीवीटीटी मधु}

70.) GIST-DVTTMalini {जिस्ट-डीवीटीटी मालिनी}

71.) GIST-DVTTManohar {जिस्ट-डीवीटीटी मनोहर}

72.) GIST-DVTTMayur {जिस्ट-डीवीटीटी मयूर}

73.) GIST-DVTTMegha {जिस्ट-डीवीटीटी मेघा}

74.) GIST-DVTTMohini {जिस्ट-डीवीटीटी मोहिनी}

75.) GIST-DVTTNayan {जिस्ट-डीवीटीटी नयन}

76.) GIST-DVTTNeha {जिस्ट-डीवीटीटी नेहा}

77.) GIST-DVTTNinad {जिस्ट-डीवीटीटी निनाद}

78.) GIST-DVTTPrakash {जिस्ट-डीवीटीटी प्रकाश}

79.) GIST-DVTTPreetam {जिस्ट-डीवीटीटी प्रीतम}

80.) GIST-DVTTRajashri {जिस्ट-डीवीटीटी राजश्री}

81.) GIST-DVTTRanjita {जिस्ट-डीवीटीटी रंजीता}

82.) GIST-DVTTSagar {जिस्ट-डीवीटीटी सागर}

83.) GIST-DVTTSamata {जिस्ट-डीवीटीटी समता}

84.) GIST-DVTTSamir {जिस्ट-डीवीटीटी समीर}

85.) GIST-DVTTShital {जिस्ट-डीवीटीटी शीतल}

86.) GIST-DVTTShweta {जिस्ट-डीवीटीटी श्वेता}

87.) GIST-DVTTSumeet {जिस्ट-डीवीटीटी सुमीत}

88.) GIST-DVTTSwapnil {जिस्ट-डीवीटीटी स्वपनिल}

89.) GIST-DVTTVasundhara {जिस्ट-डीवीटीटी वसुन्धरा}

90.) GIST-DVTTVijay {जिस्ट-डीवीटीटी विजय}

91.) Hinmith... {हिंमिथ...}

92.) HINmith018 {हिंमिथ०१८}

93.) HINmith033 {हिंमिथ०३३}

94.) HTChanakya {एचटी-चाणक्य}

95.) iitmhind {आईआईटीएमहिंदी}

96.) iitmsans {आईआईटीएमसंस्कृत}

97.) Jagran {जागरण}

98.) JC-BELA {जेसी-बेला}

99.) Kanika {कनिका}

100.) Kautilya {कौटिल्या}

101.) Krishna {कृष्णा}

102.) Kruti Dev 010 {कृतिदेव ०१०}

103.) Kruti Dev 010 Condensed {कृतिदेव ०१० कण्डेंस्ड}

104.) Kruti Dev 016 {कृतिदेव ०१६}

105.) Kruti Dev 020 {कृतिदेव ०२० }

106.) Kruti Dev 020 {कृतिदेव ०२०}

107.) Kruti Dev 180 {कृतिदेव १८०}

108.) Kruti Dev 501 {कृतिदेव ५०१}

109.) KrutiPad 010 {कृतिपैड ०१०}

110.) KrutiPad 030 {कृतिपैड ०३०}

111.) Kundli {कुण्डली}

112.) LangscapeDevPriya {लैंगस्केपदेवप्रिया}

113.) ManjushaMedium {मंजुषामीडियम}

114.) Marathi-Kanak {मराठी-कनक}

115.) Marathi-Kanchan {मराठी-कंचन}

116.) Marathi-Lekhani-Ital {मराठी-लेखनी-इटाल}

117.) Marathi-Lekhani {मराठी-लेखनी}

118.) Marathi-Roupya {मराठी-रॉउप्या}

119.) Marathi-Saras {मराठी-सरस}

120.) Marathi-Tirkas {मराठी-तिर्कस}

121.) Marathi-Vakra {मराठी-विक्रा}

122.) Marathi Sharada {मराठी शारदा}

123.) Marathi Tirkas {मराठी तिर्कस}

124.) MARmith0 {मराठीमिथ०}

125.) Maya {माया}

126.) MillenniumNilimaFX {मिलेनियम निलिमाएफएक्स}

127.) MillenniumVarun {मिलेनियम वरुण}

128.) MillenniumVarunFX {मिलेनियम वरुणएफएक्स}

129.) MillenniumVarunWeb {मिलेनियम वरुणवेब}

130.) Naidunia {नईदुनिया}

131.) Narad {नारद}

132.) NewDelhi {न्यूदेल्ही}

133.) Pankaj {पंकज}

134.) Patrika {पत्रिका}

135.) PIC {पीआर्इसी}

136.) Richa {रिचा}

137.) RK Sanskrit {आरके संस्कृत}

138.) Ruchi-Normal {रुचि-नॉर्मल}

139.) Sanskrit {संस्कृत}

140.) Sanskrit 1.2 {संस्कृत १.२}

141.) Sanskrit 98 {संस्कृत ९८}

142.) Sanskrit 99 {संस्कृत ९९}

143.) Sanskrit 99 ps {संस्कृत ९९ पीएस}

144.) Sanskrit New {संस्कृत न्यू}

145.) Sanskrit99classic {संस्कृत९९क्लासिक}

146.) Sanskritpc {संस्कृतपीसी}

147.) SansPost {संस्कृत पोस्ट}

148.) Saroj {सरोज}

149.) SD-TTSurekh {एसडी-टीटी सुरेख}

150.) Shiva {शिवा}

151.) Shivaji01 {शिवाजी ०१}

152.) Shivaji02 {शिवाजी ०२}

153.) Shivaji05 {शिवाजी ०५}

154.) ShivaMedium {शिवा मीडियम}

155.) Shree-Dev-001 {श्री-देव-००१}

156.) Shree-Dev-0708 {श्री-देव-०७०८}

157.) SHREE-DEV-0726-S00 {श्री-देव-०७२६-एस००}

158.) Shree-Pud-77NW {श्री-पुढ-77एनडब्ल्यू}

159.) SHREE-PUDHARI {श्री-पुढरी}

160.) SHREE708 {श्री७०८}

161.) Shusha {शुषा}

162.) Shusha02 {शुषा ०२}

163.) Shusha05 {शुषा ०५}

164.) st01web {एसटी०१वेब}

165.) SUBAK-1 {सुबक-१}

166.) SUBAK {सुबक}

167.) tbdsunil {टीबीडीसुनील}

168.) Vigyapti {विज्ञप्ति}

169.) W-C-905 {डब्ल्यू-सी-९०५}

170.) Walkman-Chanakya-901 {वॉकमैन-चाणक्य-९०१}

171.) Walkman-Chanakya-905 {वॉकमैन-चाणक्य-९०५}

172.) Walkman-Yogesh-Outline-1003 {वॉकमैन-योगेश-आउटलाइन-१००३}

173.) Webdunia {वेबदुनिया}

174.) Xdvng {एक्सदेवनागरी}

175.) XdvngMod {एक्सदेवनागरीमॉड}

176.) Yogeshweb {योगेशवेब}

177.) Yuvraj {युवराज}

शेष...

आपके feedback की प्रतिक्षा रहेगी। आगे कार्य जारी है।

धन्यवाद।

सादर

जगदीप सिंह दांगी

वार्ड क्र॰ 2, गंज बासौदा (म॰प्र॰) — 464221

दूरभाष — 07594 222457

मोबाइल — 09826343498

ईमेल — dangijs@gmail.com

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