अंतर्रांष्ट्रीय मीडिया फिल्म फैस्टीवल का भव्य आगाज



फिल्म देखने का नजरिया बदलेगा अंतर्राष्ट्रीय मीडिया फिल्म फैस्टीवल: कुलपति
भ्रष्टाचार के खात्में के लिए फिल्मों में सामाजिक संवेदनशीलता जरूरी: शाह 
इमानदारी के साथ काम करें मंजिल जरूर मिलेगी: सीमा बिश्वास
कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति लै जनरल डॉ डीडीएस संधु ने कहा है कि सिनेमा किसी भी समाज में लोगों का नजरिया बदलनें की क्षमता रखता है। इसलिए कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रांगण में हो रहे इस अंतर्राष्ट्रीय मीडिया फिल्म उत्सव के आयोजन से लोगों का सिनेमा देखने का नजरिया बदलेगा और हरियाणा में एक नई तरह की फिल्म संस्कृति का विकास होगा। वे मंगलवार को विश्वविद्यालय के आर के सदन में जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के तत्वाधान में आयोजित पांच दिवसीय मीडिया अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फैस्टीवल के उदघाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व कुलपति लै जनरल डीडीएस संधु जाने माने फिल्म निर्देशक कुंदन शाह, अभिनेत्री सीमा बिश्वास ने दीप प्रज्जवलित कर समारोह का शुभारंभ किया। 

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ डीडीएस संधु ने कहा कि मीडिय़ा समाज को प्रभावित करता है और सिनेमा मीडिया का एक महत्वपूर्ण अंग है इसीलिए लोगों में सिनेमा को देखने का नया नजरिया पैदा करने के लिए केयू ने इस अंतर्राष्ट्रीय मीडिया फिल्म उत्सव का आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा आयोजित इस फिल्म उत्सव से हरियाणा के लोगों में सिनेमा को देखने का एक अलग नजरिया पैदा होगा जिससे राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा में भविष्य में हरियाणा का योगदान साफ देखा जा सकेगा।  विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार आयोजित मीडिया फिल्म समारोह की श्रृंखला आने वाले समय में भी देखने को मिलेगी और इसके लिए उनके स्तर पर जो भी संभव प्रयास होगे वह वे करेंगे। 
         उन्होंने कहा कि सिनेमा और टीवी को एक ही मंच पर रखना चाहिए इन्हें हम अलग-अलग नहीं कर सकते 1योंकि ये एक दूसरे के पूरक हैं। टेलीविजन सिनेमा से ४० गुणा बड़ा है।  सिनेमा सीधे-सीधे हमारे समाज को प्रभावित करता है ऐसे में इसकी नैतिक जि6मेवारी और अधिक बढ़ जाती है और सिनेमा जगत से जुड़े लोगों को चाहिए कि वे अच्छी फिल्मों के माध्यम से समाज निर्माण में अपनी भूमिका से न्याय करें। 
         मशहूर फिल्म निर्देशक एवं पटकथा लेखक कुंदन शाह ने कहा कि फिल्म निर्माण में आज हमारा देश अग्रणी है। हमारे देश में प्रतिवर्ष १००० से अधिक फिल्मों का निर्माण हो रहा है जिसका कारोबार २००० करोड़ से भी अधिक है।  उन्होंने कहा कि इस सबके बावजूद भी हमारी फिल्मों में वो गुणवता दिखाई नहीं देती जिसकी समाज उससे अपेक्षा रखता है। फिल्म निर्देशक शाह के अनुसार आज किसी भी क्षेत्र में सच बोलना बड़ा मुश्किल हो गया है खासकर मीडिया के क्षेत्र में। उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों की नैतिक जि6मेदारी है और हम इसको निभाने से पीछे नहीं हट सकते।  श्री शाह के अनुसार हम सब बिमार समाज में जी रहे हैं जिसकी दवा के रूप में मीडिया व सिनेमा को एक साथ होना होगा। 
         २००० संगीत नाटक अकादमिक अवार्ड से सुशोभित एवं अदाकारा सीमा बिश्वास ने कहा कि हरियाणा की पहचान उनकी नजरों में कुछ और थी लेकिन यहां आकर पता चला कि हरियाणा के लोग अपने मेहमानों का स्वागत कैसे करते हैं। 
         उन्होंने कहा कि हरियाणा की युवा पीढी में वो जज्बा है जो हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है। फिल्म उद्योग में भी हरियाणा के युवाओं के लिए काफी संभावनाएं हैं और मुझे आशा है कि आने वाले वर्षों में हरियाणा में एक ऐसी फिल्म संस्कृति का विकास होगा जो देश के सिनेमा इतिहास के लिए मिशाल बनेगी। 
स्वीडन से पहुंचे सिनेमा विशेषज्ञ एवं प्रोफेसर एच ड4ल्यू वैस्लर ने हिन्दी में अपने भाषण की शुरूआत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में भारतीय सिनेमा को पसंद किया जा रहा है। जर्मनी, इंगलैंड सहित कई अन्य युरोपिय देशों में भारतीय सिनेमा को पसंद करने वालों की सं2या निरंतर बढ रही है। भारतीय सिनेमा के प्रभाव के कारण ही हॉलीवुड की फिल्में भारत में कई कई भाषाओं में डब कर रिलीज की जा रही हैं।  अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय फिल्मों के प्रसंशकों ने फिल्म कल्ब व फिल्म मैगजीन जैसी संस्थाएं बन रही हैं जो निश्चित रूप से भारतीय सिनेमा के विकास का आइना है। उन्होंने इस आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति को बधाई दी।
संस्थान के निदेशक प्रोफेसर राजबीर सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मीडिया फिल्म फैस्टीवल का आयोजन विश्वविद्यालय व संस्थान के लिए गर्व का विषय है। मीडिया फिल्म समारोह का उददेश्य हरियाणा में फिल्म संस्कृति को बढावा देना है।  फिल्म उद्योग में अपार संभावनाएं हैं लेकिन हरियाणा अभी इस क्षेत्र में काफी पीछे है। अंतर्राष्ट्रीय मीडिया फिल्म फैस्टीवल के आयोजन से युवाओं को एक नई दिशा मिलेगी और वे एक नए क्षेत्र में अपने लिए संभावनाएं खोज सकेंगे। विश्वविद्यालय के लिए यह एक ऐतिहासिक ल6हा है जब सीमा विश्वास, फिल्म निर्देशक कुंदन शाह सहित कई बड़ी हस्तियां विश्वविद्यालय के समारोह में शामिल हो रही हैं जो वास्तव में भारतीय सिनेमा का प्रतिनिधित्व करते हैं।
फिल्म फैस्टीवल के निदेशक अजीत राय ने इस मौके पर अंतराष्ट्रीय मीडिया फिल्म फैस्टीवल के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि अगले पांच दिनों में विश्वविद्यालय के इस महोत्सव में २५ से अधिक अंतराष्ट्रीय स्तर की फिल्में दिखाई जाएंगी और पांच सौ से अधिक विद्यार्थी इस उत्सव का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने इस समारोह के भव्य आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति लै जनरल डॉ डीडीएस संधु व संस्थान के निदेशक प्रो राजबीर सिंह को बधाई दी। इस मौके पर विश्वविद्यालय के डीन एकेडमी अफेयर डॉ गिरिश चौपड़ा, जनसंपर्क विभाग के निदेशक प्रो ब्रिजेश साहनी, युवा एवं सांस्कृतिक कल्याण विभाग के निदेशक अनुप लाठर, विभिन्न विभागों के चेयरमैन सहित कई अन्य गणमान्य अतिथि व छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
कुलपति ने किया प्रर्दशनी का उदघाटन
         कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति लै जनरल डीडीएस संधु ने भारतीय फिल्मों में संगीत के गौरवशाली इतिहास को बयां करती प्रदर्शनी का उदघाटन किया।
         इस प्रदर्शनी में भारतीय संगीत के ऐतिहासिक सफर को पोस्टरों के माध्यम से बड़े सुंदर अंदाज में बयां किया गया है।
         नेशनल फिल्म आरकाइव ऑफ इंडिया के सौजन्य से आयोजित की गई यह प्रदर्शनी दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण का केन्द्र है।


1 टिप्पणी:

  1. वाह बहुत उपयोगी प्रस्तुति!
    अब शायद 3-4 दिन किसी भी ब्लॉग पर आना न हो पाये!
    उत्तराखण्ड सरकार में दायित्व पाने के लिए भाग-दौड़ में लगा हूँ!
    बृहस्पतिवार-शुक्रवार को दिल्ली में ही रहूँगा!

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